महाभारत 15.39.13
यश्च पाण्डवदायादो हतः षड्भिर्महारथैःस सोम इह सौभद्रो योगादेवाभवद्द्विधा
yaśca pāṇḍavadāyādo hataḥ ṣaḍbhirmahārathaiḥsa soma iha saubhadro yogādevābhavaddvidhā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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