महाभारत 15.39.8
गन्धर्वराजो यो धीमान्धृतराष्ट्र इति श्रुतःस एव मानुषे लोके धृतराष्ट्रः पतिस्तव
gandharvarājo yo dhīmāndhṛtarāṣṭra iti śrutaḥsa eva mānuṣe loke dhṛtarāṣṭraḥ patistava
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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