महाभारत 16.3.12
महानसेषु सिद्धेऽन्ने संस्कृतेऽतीव भारतआहार्यमाणे कृमयो व्यदृश्यन्त नराधिप
mahānaseṣu siddhe'nne saṃskṛte'tīva bhārataāhāryamāṇe kṛmayo vyadṛśyanta narādhipa
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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