महाभारत 16.8.49ततो निवृत्तः कौन्तेयः सहसा सपदानुगःउवाच तान्महाबाहुरर्जुनः प्रहसन्निवtato nivṛttaḥ kaunteyaḥ sahasā sapadānugaḥuvāca tānmahābāhurarjunaḥ prahasannivaइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें