महाभारत 18.1.16
न तन्मनसि कर्तव्यं पुत्र यद्द्यूतकारितम्द्रौपद्याश्च परिक्लेशं न चिन्तयितुमर्हसि
na tanmanasi kartavyaṃ putra yaddyūtakāritamdraupadyāśca parikleśaṃ na cintayitumarhasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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