महाभारत 18.1.22
ये ते वीरा महात्मानो भ्रातरो मे महाव्रताःसत्यप्रतिज्ञा लोकस्य शूरा वै सत्यवादिनः
ye te vīrā mahātmāno bhrātaro me mahāvratāḥsatyapratijñā lokasya śūrā vai satyavādinaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें