महाभारत 18.2.2जुहुवुर्ये शरीराणि रणवह्नौ महारथाःराजानो राजपुत्राश्च ये मदर्थे हता रणेjuhuvurye śarīrāṇi raṇavahnau mahārathāḥrājāno rājaputrāśca ye madarthe hatā raṇeइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें