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महाभारत 18.2.4
यदि लोकानिमान्प्राप्तास्ते च सर्वे महारथाःस्थितं वित्त हि मां देवाः सहितं तैर्महात्मभिः
yadi lokānimānprāptāste ca sarve mahārathāḥsthitaṃ vitta hi māṃ devāḥ sahitaṃ tairmahātmabhiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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