महाभारत 2.11.39
तथा तैरुपयातैश्च प्रतियातैश्च भारतआकुला सा सभा तात भवति स्म सुखप्रदा
tathā tairupayātaiśca pratiyātaiśca bhārataākulā sā sabhā tāta bhavati sma sukhapradā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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