महाभारत 2.11.73
गते तु नारदे पार्थो भ्रातृभिः सह कौरवराजसूयं क्रतुश्रेष्ठं चिन्तयामास भारत
gate tu nārade pārtho bhrātṛbhiḥ saha kauravarājasūyaṃ kratuśreṣṭhaṃ cintayāmāsa bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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