महाभारत 2.12.39
प्रियमेव परीप्सन्ते केचिदात्मनि यद्धितम्एवंप्रायाश्च दृश्यन्ते जनवादाः प्रयोजने
priyameva parīpsante kecidātmani yaddhitamevaṃprāyāśca dṛśyante janavādāḥ prayojane
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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