महाभारत 2.16.43
तेन शब्देन संभ्रान्तः सहसान्तःपुरे जनःनिर्जगाम नरव्याघ्र राज्ञा सह परंतप
tena śabdena saṃbhrāntaḥ sahasāntaḥpure janaḥnirjagāma naravyāghra rājñā saha paraṃtapa
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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