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महाभारत 2.17.15
एनमासाद्य राजानः समृद्धबलवाहनाःविनाशमुपयास्यन्ति शलभा इव पावकम्
enamāsādya rājānaḥ samṛddhabalavāhanāḥvināśamupayāsyanti śalabhā iva pāvakam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंएनमासाद्य राजानः समृद्धबलवाहनाःविनाशमुपयास्यन्ति शलभा इव पावकम्
enamāsādya rājānaḥ samṛddhabalavāhanāḥvināśamupayāsyanti śalabhā iva pāvakam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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