महाभारत 2.17.6
तस्य नामाकरोत्तत्र प्रजापतिसमः पिताजरया संधितो यस्माज्जरासंधस्ततोऽभवत्
tasya nāmākarottatra prajāpatisamaḥ pitājarayā saṃdhito yasmājjarāsaṃdhastato'bhavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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