महाभारत 2.19.40एवं विरागवसना बहिर्माल्यानुलेपनाःसत्यं वदत के यूयं सत्यं राजसु शोभतेevaṃ virāgavasanā bahirmālyānulepanāḥsatyaṃ vadata ke yūyaṃ satyaṃ rājasu śobhateइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें