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महाभारत 2.20.16
स्वर्गयोनिर्जयो राजन्स्वर्गयोनिर्महद्यशःस्वर्गयोनिस्तपो युद्धे मार्गः सोऽव्यभिचारवान्
svargayonirjayo rājansvargayonirmahadyaśaḥsvargayonistapo yuddhe mārgaḥ so'vyabhicāravān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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