महाभारत 2.22.14
यः स सोदर्यवान्नाम द्वियोधः कृष्णसारथिःअभ्यासघाती संदृश्यो दुर्जयः सर्वराजभिः
yaḥ sa sodaryavānnāma dviyodhaḥ kṛṣṇasārathiḥabhyāsaghātī saṃdṛśyo durjayaḥ sarvarājabhiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें