महाभारत 2.25.16
ततो दिव्यानि वस्त्राणि दिव्यान्याभरणानि चमोकाजिनानि दिव्यानि तस्मै ते प्रददुः करम्
tato divyāni vastrāṇi divyānyābharaṇāni camokājināni divyāni tasmai te pradaduḥ karam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें