Loading
महाभारत 2.28.48
पाण्ड्यांश्च द्रविडांश्चैव सहितांश्चोड्रकेरलैःअन्ध्रांस्तलवनांश्चैव कलिङ्गानोष्ट्रकर्णिकान्
pāṇḍyāṃśca draviḍāṃścaiva sahitāṃścoḍrakeralaiḥandhrāṃstalavanāṃścaiva kaliṅgānoṣṭrakarṇikān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें