महाभारत 2.3.23उत्तमद्रव्यसंपन्ना मणिप्राकारमालिनीबहुरत्ना बहुधना सुकृता विश्वकर्मणाuttamadravyasaṃpannā maṇiprākāramālinībahuratnā bahudhanā sukṛtā viśvakarmaṇāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें