महाभारत 2.33.32
स उपालभ्य भीष्मं च धर्मराजं च संसदिअपाक्षिपद्वासुदेवं चेदिराजो महाबलः
sa upālabhya bhīṣmaṃ ca dharmarājaṃ ca saṃsadiapākṣipadvāsudevaṃ cedirājo mahābalaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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