महाभारत 2.33.3समेता ब्रह्मभवने देवा देवर्षयो यथाकर्मान्तरमुपासन्तो जजल्पुरमितौजसःsametā brahmabhavane devā devarṣayo yathākarmāntaramupāsanto jajalpuramitaujasaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें