महाभारत 2.33.7
केचिद्धर्मार्थसंयुक्ताः कथास्तत्र महाव्रताःरेमिरे कथयन्तश्च सर्ववेदविदां वराः
keciddharmārthasaṃyuktāḥ kathāstatra mahāvratāḥremire kathayantaśca sarvavedavidāṃ varāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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