महाभारत 2.38.12
न ते श्रुतमिदं भीष्म नूनं कथयतां सताम्यद्वक्ष्ये त्वामधर्मज्ञ वाक्यं कुरुकुलाधम
na te śrutamidaṃ bhīṣma nūnaṃ kathayatāṃ satāmyadvakṣye tvāmadharmajña vākyaṃ kurukulādhama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें