महाभारत 2.4.11
दामोष्णीषस्त्रैवणिश्च पर्णादो घटजानुकःमौञ्जायनो वायुभक्षः पाराशर्यश्च सारिकौ
dāmoṣṇīṣastraivaṇiśca parṇādo ghaṭajānukaḥmauñjāyano vāyubhakṣaḥ pārāśaryaśca sārikau
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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