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महाभारत 2.4.20
सततं कम्पयामास यवनानेक एव यःयथासुरान्कालकेयान्देवो वज्रधरस्तथा
satataṃ kampayāmāsa yavanāneka eva yaḥyathāsurānkālakeyāndevo vajradharastathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंसततं कम्पयामास यवनानेक एव यःयथासुरान्कालकेयान्देवो वज्रधरस्तथा
satataṃ kampayāmāsa yavanāneka eva yaḥyathāsurānkālakeyāndevo vajradharastathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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