महाभारत 2.4.31चित्रसेनः सहामात्यो गन्धर्वाप्सरसस्तथागीतवादित्रकुशलाः शम्यातालविशारदाःcitrasenaḥ sahāmātyo gandharvāpsarasastathāgītavāditrakuśalāḥ śamyātālaviśāradāḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें