महाभारत 2.41.9
वङ्गाङ्गविषयाध्यक्षं सहस्राक्षसमं बलेस्तुहि कर्णमिमं भीष्म महाचापविकर्षणम्
vaṅgāṅgaviṣayādhyakṣaṃ sahasrākṣasamaṃ balestuhi karṇamimaṃ bhīṣma mahācāpavikarṣaṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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