महाभारत 2.42.43
नकुलः सुबलं राजन्सहपुत्रं समन्वयात्द्रौपदेयाः ससौभद्राः पार्वतीयान्महीपतीन्
nakulaḥ subalaṃ rājansahaputraṃ samanvayātdraupadeyāḥ sasaubhadrāḥ pārvatīyānmahīpatīn
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें