महाभारत 2.46.31
क्लिन्नवस्त्रस्य च जले किंकरा राजचोदिताःददुर्वासांसि मेऽन्यानि तच्च दुःखतरं मम
klinnavastrasya ca jale kiṃkarā rājacoditāḥdadurvāsāṃsi me'nyāni tacca duḥkhataraṃ mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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