महाभारत 2.53.7
इदं वै देवनं पापं मायया कितवैः सहधर्मेण तु जयो युद्धे तत्परं साधु देवनम्
idaṃ vai devanaṃ pāpaṃ māyayā kitavaiḥ sahadharmeṇa tu jayo yuddhe tatparaṃ sādhu devanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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