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महाभारत 2.66.36
अथाब्रवीन्महाराजो गान्धारीं धर्मदर्शिनीम्अन्तः कामं कुलस्यास्तु न शक्ष्यामि निवारितुम्
athābravīnmahārājo gāndhārīṃ dharmadarśinīmantaḥ kāmaṃ kulasyāstu na śakṣyāmi nivāritum
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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