महाभारत 2.69.6
इह वत्स्यति कल्याणी सत्कृता मम वेश्मनिइति पार्था विजानीध्वमगदं वोऽस्तु सर्वशः
iha vatsyati kalyāṇī satkṛtā mama veśmaniiti pārthā vijānīdhvamagadaṃ vo'stu sarvaśaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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