महाभारत 2.72.25
ततोऽहमब्रुवं तत्र विदुरेण प्रचोदितःवरं ददानि कृष्णायै काङ्क्षितं यद्यदिच्छति
tato'hamabruvaṃ tatra vidureṇa pracoditaḥvaraṃ dadāni kṛṣṇāyai kāṅkṣitaṃ yadyadicchati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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