महाभारत 3.1.32
तदहं भ्रातृसहितः सर्वान्विज्ञापयामि वःनान्यथा तद्धि कर्तव्यमस्मत्स्नेहानुकम्पया
tadahaṃ bhrātṛsahitaḥ sarvānvijñāpayāmi vaḥnānyathā taddhi kartavyamasmatsnehānukampayā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें