महाभारत 3.102.9
तं निवारयितुं शक्तो नान्यः कश्चिद्द्विजोत्तमऋते त्वां हि महाभाग तस्मादेनं निवारय
taṃ nivārayituṃ śakto nānyaḥ kaściddvijottamaṛte tvāṃ hi mahābhāga tasmādenaṃ nivāraya
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें