महाभारत 3.107.2
स शुश्राव महाबाहुः कपिलेन महात्मनापितॄणां निधनं घोरमप्राप्तिं त्रिदिवस्य च
sa śuśrāva mahābāhuḥ kapilena mahātmanāpitṝṇāṃ nidhanaṃ ghoramaprāptiṃ tridivasya ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें