महाभारत 3.11.31
स कोपवशमापन्नो मैत्रेयो मुनिसत्तमःविधिना संप्रयुक्तश्च शापायास्य मनो दधे
sa kopavaśamāpanno maitreyo munisattamaḥvidhinā saṃprayuktaśca śāpāyāsya mano dadhe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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