महाभारत 3.11.3
यदि त्वहमनुग्राह्यः कौरवेषु दया यदिअनुशाधि दुरात्मानं पुत्रं दुर्योधनं मम
yadi tvahamanugrāhyaḥ kauraveṣu dayā yadianuśādhi durātmānaṃ putraṃ duryodhanaṃ mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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