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महाभारत 3.110.11
लोमश उवाच · lomaśa uvāca
विभाण्डकस्य ब्रह्मर्षेस्तपसा भावितात्मनःअमोघवीर्यस्य सतः प्रजापतिसमद्युतेः
vibhāṇḍakasya brahmarṣestapasā bhāvitātmanaḥamoghavīryasya sataḥ prajāpatisamadyuteḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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