महाभारत 3.12.25
युधिष्ठिरस्तु तच्छ्रुत्वा वचस्तस्य दुरात्मनःआचचक्षे ततः सर्वं गोत्रनामादि भारत
yudhiṣṭhirastu tacchrutvā vacastasya durātmanaḥācacakṣe tataḥ sarvaṃ gotranāmādi bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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