महाभारत 3.12.32
हिडिम्बश्च सखा मह्यं दयितो वनगोचरःहतो दुरात्मनानेन स्वसा चास्य हृता पुरा
hiḍimbaśca sakhā mahyaṃ dayito vanagocaraḥhato durātmanānena svasā cāsya hṛtā purā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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