महाभारत 3.122.12
ततः सुकन्या वल्मीके दृष्ट्वा भार्गवचक्षुषीकौतूहलात्कण्टकेन बुद्धिमोहबलात्कृता
tataḥ sukanyā valmīke dṛṣṭvā bhārgavacakṣuṣīkautūhalātkaṇṭakena buddhimohabalātkṛtā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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