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महाभारत 3.125.22
एषा सा यमुना राजन्राजर्षिगणसेवितानानायज्ञचिता राजन्पुण्या पापभयापहा
eṣā sā yamunā rājanrājarṣigaṇasevitānānāyajñacitā rājanpuṇyā pāpabhayāpahā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंएषा सा यमुना राजन्राजर्षिगणसेवितानानायज्ञचिता राजन्पुण्या पापभयापहा
eṣā sā yamunā rājanrājarṣigaṇasevitānānāyajñacitā rājanpuṇyā pāpabhayāpahā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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