महाभारत 3.13.87
भीमस्य पादौ कृत्वा तु स्व उत्सङ्गे ततो बलात्पर्यमर्दत संहृष्टा कल्याणी मृदुपाणिना
bhīmasya pādau kṛtvā tu sva utsaṅge tato balātparyamardata saṃhṛṣṭā kalyāṇī mṛdupāṇinā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें