महाभारत 3.130.8एतद्विष्णुपदं नाम दृश्यते तीर्थमुत्तमम्एषा रम्या विपाशा च नदी परमपावनीetadviṣṇupadaṃ nāma dṛśyate tīrthamuttamameṣā ramyā vipāśā ca nadī paramapāvanīइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें