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महाभारत 3.134.12
अष्टावक्र उवाच · aṣṭāvakra uvāca
षडाधाने दक्षिणामाहुरेके; षडेवेमे ऋतवः कालचक्रम्षडिन्द्रियाण्युत षट्कृत्तिकाश्च; षट्साद्यस्काः सर्ववेदेषु दृष्टाः
ṣaḍādhāne dakṣiṇāmāhureke; ṣaḍeveme ṛtavaḥ kālacakramṣaḍindriyāṇyuta ṣaṭkṛttikāśca; ṣaṭsādyaskāḥ sarvavedeṣu dṛṣṭāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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