महाभारत 3.138.19
विलप्यैवं बहुविधं भरद्वाजोऽदहत्सुतम्सुसमिद्धं ततः पश्चात्प्रविवेश हुताशनम्
vilapyaivaṃ bahuvidhaṃ bharadvājo'dahatsutamsusamiddhaṃ tataḥ paścātpraviveśa hutāśanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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