महाभारत 3.142.19
वासुदेवसमं वीर्ये कार्तवीर्यसमं युधिअजेयमजितं युद्धे तं न पश्यामि फल्गुनम्
vāsudevasamaṃ vīrye kārtavīryasamaṃ yudhiajeyamajitaṃ yuddhe taṃ na paśyāmi phalgunam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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