महाभारत 3.142.23
विशाला बदरी यत्र नरनारायणाश्रमःतं सदाध्युषितं यक्षैर्द्रक्ष्यामो गिरिमुत्तमम्
viśālā badarī yatra naranārāyaṇāśramaḥtaṃ sadādhyuṣitaṃ yakṣairdrakṣyāmo girimuttamam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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